‘अ रियल पेन’ – ठहरे पानी के बीच से चुपचाप गुज़रते हुए : अमेय कान्त

अतीत कई जगहों पर तकलीफ़देह होता है। कभी-कभी तो इतना कि इसकी टीस पीढ़ियों तक महसूस होती रहती है। लेकिन क्या सच में ऐसा है? […] Read More

‘लव-ऑल’ – जीवन में जीत के मायने : अमेय कान्त

Movie: Love-All बैडमिंटन और टेनिस में ज़ीरो पॉइंट को ‘लव’ कहा जाता है। इसका मूल फ़्रेंच शब्द ‘l’oeuf’ है, जिसका मतलब होता है – अंडा। […] Read More

भयानक वर्तमान की मर्मान्तक अनुगूंजें : अमेय कान्त

कहते हैं कि पिकासो की ‘गुएर्निका’ पेंटिंग को देखकर जब एक नाज़ी अफ़सर ने उनसे पूछा था कि “इसे तुमने बनाया?” तो उनका जवाब था […] Read More

बदलते दौर में ‘भारतीय’ सिनेमा और रीमेक की ज़रूरत : अमेय कान्त

बदलते दौर में ‘भारतीय’ सिनेमा और रीमेक की ज़रूरत एक समय था जब ‘साउथ की फ़िल्म’ कहने पर रजनीकान्त की एक्शन फ़िल्में दिमाग में आती […] Read More

ओटीटी पर हिंदी डब में हॉलीवुड की 10 चर्चित फ़िल्में (साल 2000 से पहले तक)

(Hollywood Hindi Dubbed Movies before 2000 available on OTT)   लॉरेंस ऑफ़ अरेबिया (Lawrence of Arabia) 1962 (नेटफ़्लिक्स पर) यह फ़िल्म टीई लॉरेंस की किताब […] Read More

‘चमकीला’ – एक मटमैला-सा गीत : अमेय कान्त

इम्तियाज़ अली की फ़िल्म ‘अमरसिंह चमकीला’ हाल ही में नेटफ़्लिक्स पर रिलीज़ हुई. रिलीज़ के बाद से ही यह फ़िल्म काफ़ी चर्चा में है. इसे […] Read More

सोसाइटी ऑफ़ द स्नो (Society of the Snow) : मज़बूत भावनात्मक पक्ष के साथ एक तथ्यपरक फ़िल्म : अमेय कान्त

Society of the Snow Hindi Review स्पेनिश भाषा की फ़िल्म ‘सोसाइटी ऑफ़ द स्नो’ एक सच्ची घटना पर आधारित है. साल 1972 में उरुग्वे की […] Read More

‘भक्षक’ – मेनस्ट्रीम मीडिया की चुप्पी के बीच अंधेरे से मुठभेड़ की ‘कोशिश’ : अमेय कान्त

मीडिया की भूमिका और इसके दायित्व को लेकर हमारे यहाँ अलग-अलग तरह से फ़िल्में बनी हैं। साल 1989 में टीनू आनन्द के निर्देशन में एक […] Read More

रोमा (Roma): वर्त्तमान की आँखों से अतीत को देखती फ़िल्म : अमेय कान्त

नेटफ़्लिक्स काफ़ी समय से अपनी कई ओरिजिनल सीरीज़ और फ़िल्मों के माध्यम से हॉलीवुड के सामने नई चुनौतियाँ लेकर आ रहा है। लेकिन साल 2018 […] Read More

गाँवों-कस्बों की ज़िंदगी में झाँकतीं अचल मिश्रा (Achal Mishra) की फ़िल्में : अमेय कान्त

अचल मिश्रा (Achal Mishra) उन निर्देशकों में से हैं जिन्होंने बहुत कम समय में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. कुछ समय लंदन फ़िल्म स्कूल […] Read More